ट्रेनिंग के वक्त चोट लगी तो फाइटर पायलट नहीं बन सके, IIM से MBA के बाद जॉब कर रहे

https://ift.tt/3njGcXn सेना में ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना ज्यादातर युवाओं का सपना होता है। वे युवा इसे पूरा भी करते हैं, लेकिन कई ऐसे भी ...

https://ift.tt/3njGcXn

सेना में ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना ज्यादातर युवाओं का सपना होता है। वे युवा इसे पूरा भी करते हैं, लेकिन कई ऐसे भी होते हैं, जो दहलीज पर पहुंचकर भी मंजिल से दूर रह जाते हैं। हर साल कुछ बच्चे NDA और OTA से ट्रेनिंग के दौरान बोर्ड आउट हो जाते हैं। उन्हें तो न कोई मेडिकल सपोर्ट मिलता है और न ही इनके परिवार को कोई सुविधा।

पेंशन के नाम पर एक्स ग्रेशिया मिलता है, जो डिसेबिलिटी के हिसाब से होता है। यह अमाउंट भी कम होता है। 2015 में इसको लेकर एक कमेटी भी बनी। जिसमें सुझाव दिया गया कि एक्स ग्रेशिया का नाम बदलकर डिसेबिलिटी पेंशन कर दिया जाए, लेकिन अभी तक इस ड्राप्ट पर साइन नहीं हुआ है। आज इस कड़ी में पढ़िए एकलव्य पंडित की कहानी...

उत्तरप्रदेश के बिजनौर के रहने वाले एकलव्य पंडित बचपन से एक सपना देखा था। वो सपना था एयरफोर्स में पायलट बनकर फाइटर प्लेन उड़ाना। वो जब भी टीवी पर फाइटर प्लेन को उड़ते देखते तो यही सोचते थे कि एक दिन मैं भी इसे उड़ाऊंगा। वो किताबों में, अखबारों में, हर जगह एयरफोर्स के बारे में पढ़ते रहते थे। अगर कोई एयर फोर्स वाला मिलता तो उससे भी एयर फोर्स के बारे में एक-एक चीज पूछते रहते थे।

साल 2013 में एकलव्य का सिलेक्शन AFCAT के लिए हुआ था। दूसरे प्रयास में वे सफल हुए थे।

12वीं के बाद एकलव्य NDA का फॉर्म भरा, हालांकि कि वो एग्जाम नहीं दे सके। उसी दिन इंजीनियरिंग के लिए भी एंट्रेंस एग्जाम था तो उनके पिता ने NDA का एग्जाम नहीं देने दिया। वो चाहते थे कि एकलव्य इंजीनियर बनें और फिर कोई सेटल्ड सरकारी नौकरी या सिविल सर्विस की तैयारी करें। इसके बाद एकलव्य ने इंजीनियरिंग में एडमिशन ले लिया। हालांकि, इसके साथ ही वो एयरफोर्स की तैयारी भी कर रहे थे। वो कॉरपोरेट सेक्टर में काम नहीं करना चाहते थे। उनका एक ही सपना था, नीली वर्दी पहनकर मिग-21 उड़ाना। इंजीनियरिंग के फाइनल ईयर में उनके साथी जब कॉरपोरेट सेक्टर में जॉब ढूंढ रहे थे, तब वो SSB की तैयारी कर रहे थे।

2013 में उन्होंने एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) का एग्जाम दिया, वो पास भी हुए। हालांकि, मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना पाए। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अगले साल फिर एग्जाम दिया और इस बार उनका सिलेक्शन भी हो गया। यहां एकलव्य को अपनी पसंद की ब्रांच भी मिल गई। इसके बाद हैदराबाद में उनकी ट्रेनिंग शुरू हो गई। ट्रेनिंग के कुछ ही महीनों बाद एकलव्य हादसे का शिकार हो गए। ट्रेनिंग कैंप में गन के साथ प्रैक्टिस करते वक्त उनका बैलेंस बिगड़ गया और वो जमीन पर गिर गए। उनके पैर में चोट लग गई।

IIM से पास आउट होने के बाद डिग्री लेते एकलव्य पंडित।

जांच के बाद पता चला कि उनका पटेला डिसलोकेट हो गया है। 4-5 महीने वो अस्पताल में रहे। इसके बाद वो फिर से मेडिकल टेस्ट के लिए गए, लेकिन उन्हें अनफिट करार दे दिया गया। इसके बाद बोर्ड आउट की प्रोसेस शुरू हो गई। एकलव्य को वापस उनके यूनिट भेज दिया गया। वहां उनके साथी ट्रेनिंग कर रहे थे और वो अकेले में बैठकर रोते रहते थे। कुछ दिनों बाद उन्हें आफिशियली बोर्ड आउट कर दिया गया और वो बिजनौर लौट आए।

एकलव्य कहते हैं कि मेरे लिए वो सबसे मुश्किल दौर था। कई दिनों तक डिप्रेशन में रहा। किसी से बात नहीं करता था, घर के लोगों से भी दूर रहने की कोशिश करता था। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। ऊपर से कुछ लोग ताने भी मारते थे। उन्हें लगता था कि इसकी ही कोई गलती रही होगी, जिससे इसे बाहर कर दिया गया। वो कहते हैं कि बोर्ड आउट होने के बाद मैंने एयरफोर्स से रिक्वेस्ट की थि कि मुझे कहीं जॉब दी जाए। अगर मैं पायलट के लिए फिट नहीं हूं तो मुझे किसी और ब्रांच में शामिल कर लिया जाए। आखिर किसी को सिलेक्ट करने के बाद वापस घर कैसे भेज सकते हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।

2018 में एकलव्य ने MBA किया। अभी वो एक कॉरपोरेट कंपनी में जॉब कर रहे हैं।

एकलव्य बताते हैं, 'कुछ दिनों तक मैंने डिप्रेशन से उबरने के लिए मेडिटेशन शुरू किया। इससे काफी फायदा हुआ। मेरा कांफिडेंस लेवल बढ़ा। इसी बीच मैं अहमदाबाद में एक रिलेटिव यहां गया। वहां मैंने पहली बार IIM अहमदाबाद देखा। उस वक्त मेरे माइंड में ये बात क्लिक कर गई कि अब मुझे यहीं एडमिशन लेना है। वापस घर लौटने के बाद कैट की तैयारी शुरू कर दी। कुछ दिनों के लिए नोएडा चला गया और वहां कैट के लिए कोचिंग करने लगा। इस दौरान खुद के खर्च निकालने के लिए मैं ट्यूशन भी पढ़ाता था।'

2015 में एकलव्य ने कैट का एग्जाम दिया। पहले ही अटेंप्ट में उनका सिलेक्शन हो गया। इसके बाद 2018 में उन्होंने MBA कंप्लीट किया। उसी समय उनका एक कॉरपोरेट कंपनी में सिलेक्शन हो गया। अभी एकलव्य दिल्ली में जॉब कर रहे हैं। उनके माता-पिता दोनों ही सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
फाइटर पायलट बनने का सपना टूटने के बाद एकलव्य डिप्रेशन में थे। उबरने के लिए मेडिटेशन किया और जब पहली बाद IIM अहमदाबाद देखा तो तय कर लिया कि यहीं आना है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3koWJaz
via IFTTT

COMMENTS

Name

Bollywood Dainik Bhaskar,135,Bollywood बॉलीवुड | दैनिक भास्कर,2340,Breaking News,1,Dainik Bhaskar,22,Education,22,Health,56,National News Dainik Bhaskar,2308,National News देश | दैनिक भास्कर,6598,tech,641,Uttar Pradesh,59,
ltr
item
Dainik News Point: ट्रेनिंग के वक्त चोट लगी तो फाइटर पायलट नहीं बन सके, IIM से MBA के बाद जॉब कर रहे
ट्रेनिंग के वक्त चोट लगी तो फाइटर पायलट नहीं बन सके, IIM से MBA के बाद जॉब कर रहे
https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2020/11/12/1_1605176369.jpg
Dainik News Point
https://dainiknewspoints.blogspot.com/2020/11/iim-mba.html
https://dainiknewspoints.blogspot.com/
https://dainiknewspoints.blogspot.com/
https://dainiknewspoints.blogspot.com/2020/11/iim-mba.html
true
1148828941129874792
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy